इंटरव्यू के प्रकार (संक्षिप्त, विस्तृत, लाइव)

 

पत्रकारिता और जनसंचार में इंटरव्यू सबसे सशक्त माध्यमों में गिना जाता है। यह केवल प्रश्न–उत्तर का आदान-प्रदान भर नहीं होता, बल्कि यह संवाद की वह प्रक्रिया है, जिसमें सामने वाले व्यक्ति के विचार, अनुभव, दृष्टिकोण और व्यक्तित्व का परिचय मिलता है। इंटरव्यू के कई प्रकार होते हैं, लेकिन मुख्य रूप से इन्हें तीन श्रेणियों में बाँटा जा सकता है। पहला है संक्षिप्त इंटरव्यू, जिसे अक्सर कार्यक्रमों, घटनाओं या तात्कालिक परिस्थितियों में लिया जाता है। इसमें सीमित समय में कुछ ही प्रश्न पूछे जाते हैं और उत्तर भी छोटे होते हैं। उदाहरण के लिए किसी समारोह के बाद अतिथि की प्रतिक्रिया या किसी खिलाड़ी की मैच के तुरंत बाद राय लेना। दूसरा है विस्तृत इंटरव्यू, जो गहन और शोधपूर्ण होता है। इसमें इंटरव्यू देने वाले व्यक्ति के जीवन, उपलब्धियों, विचारों और किसी खास मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की जाती है। यह प्रकार अधिक समय लेता है और इसमें पूछे जाने वाले प्रश्न पहले से अच्छी तरह तैयार किए जाते हैं, ताकि विषय की गहराई तक पहुँचा जा सके। तीसरा है लाइव इंटरव्यू, जो टीवी, रेडियो या ऑनलाइन माध्यमों पर सीधे प्रसारित होता है। इसमें सबसे बड़ी चुनौती यह होती है कि कोई संपादन या सुधार संभव नहीं होता, इसलिए संवाद पूरी तरह स्वाभाविक और तात्कालिक होना चाहिए। यह इंटरव्यू दर्शकों और पाठकों को वास्तविकता का अनुभव कराता है और उसमें विश्वास पैदा करता है। इस प्रकार देखा जाए तो इंटरव्यू के ये तीनों प्रकार अपनी-अपनी विशेषताओं और परिस्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Post a Comment

0 Comments