जोधपुर । हिंदी और भारतीय भाषाओं के साहित्य को डिजिटल रूप में पाठकों तक पहुँचाने के उद्देश्य से “हिंदीज़ा” ऐप का ऑनलाइन लॉन्च 14 जुलाई को किया जाएगा। यह ऐप साहित्य प्रेमियों के लिए एक ऐसा मंच होगा, जहाँ वे ई-बुक्स, डिजिटल पत्रिकाएँ और विभिन्न साहित्यिक रचनाएँ आसानी से पढ़ सकेंगे। “हिंदीज़ा” ऐप के संस्थापक जसराज बिश्नोई ने बताया कि आज के डिजिटल दौर में पढ़ने की आदत को नई दिशा देने के लिए इस ऐप की शुरुआत की जा रही है। ऐप में उपन्यास, कहानियाँ, कविताएँ, प्रेरणादायक साहित्य, जीवनी तथा अन्य विषयों की पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। साथ ही “दैनिक निर्माण” और “…
लखनऊ, शिवभार गुर्जर लखनवी साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था द्वारा मासिक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता डॉक्टर अजय प्रसून ने किया। मुख्य अतिथि डॉक्टर शिवनाथ सिंह शिव, विशिष्ट अतिथि इरशाद राही,अति विशिष्ट अतिथि विजय तनहा एवं प्रवीण कुमार पांडेय,अतिथि डॉक्टर सरिता कटियार सदाबहार रही। संस्था के संस्थापक डॉक्टर एल पी गुर्जर लखनवी द्वारा मंच का गठन कर सभी आगंतुकों साहित्यकारों का स्वागत किया गया। संरक्षिका रमा गुर्जर की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम का आरंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। वाणी वंदना अन…
साहित्य और कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए विश्वभर की प्रतिभाओं को पहचान देने वाली संस्था _वर्ल्डवाइड टैलेंट रिकॉग्नाइज़र_ एवं _निष्कर्ष पब्लिकेशन_ के संयुक्त तत्वावधान में *'काव्य-रत्न सम्मान-2026' के आयोजन में इस प्रतिष्ठित सम्मान से इस वर्ष *डॉ. खुशबू शांतिलेख को सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें *निष्कर्ष प्रकाशन की संस्थापिका व संचालिका डॉ. दिव्या सिन्हा की ओर से प्रदान किया गया डॉ. दिव्या सिन्हा ने इस अवसर पर कहा कि, _"डॉ. खुशबू शांतिलेख की रचनात्मकता और काव्य के प्रति समर्पण नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। काव्य…
बोकारो/ बोकारो इस्पात संयंत्र के जनवृत-05 स्थित बोकारो इस्पात पुस्तकालय में गुरुवार एक साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उप महाप्रबंधक (विधि) शैलेश मिश्रा और विशिष्ट अतिथि उप महाप्रबंधक (संपर्क एवं प्रशासन) आलोक कुमार उपस्थित रहे। अतिथियों ने साहित्य को समाज का दर्पण बताते हुए रचनाकारों को अपनी प्रतिभा निखारने हेतु प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम की शुरुआत शीला तिवारी द्वारा सरस्वती वंदना से हुई। अध्यक्षता डॉ. आशा पुष्प ने की और मंच संचालन लव कुमार ने किया। इस काव्य पाठ सत्र में डॉ. नरेंद्र कुमार राय ने “त्राहि मां त…
19 अप्रैल 2026 को “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” के तत्वावधान में आयोजित ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन में भारत सहित कई देशों के साहित्यकारों ने सहभागिता कर साहित्यिक एकता और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” (साहित्यिक-सांस्कृतिक संस्था) के तत्वावधान में रविवार, 19 अप्रैल 2026 को सायं 4 बजे से गूगल मीट के माध्यम से एक ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष श्री देवेंद्र नाथ शुक्ल ने की, जबकि संचालन संस्थापक सचिव डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद द्वा…
कोटा/बारां, 10 अप्रैल 2026 — राजस्थान के युवा साहित्यकार नवीन कुमार लववंशी ‘नवीन राजस्थानी’ को साहित्य क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए “संगम अकादमी सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान ऑनलाइन आयोजित एक गरिमामयी समारोह में प्रदान किया गया। कोटा/बारां /बारां जिले के काकोनी गणेशपुरा निवासी नवीन कुमार लववंशी ने कम उम्र में ही साहित्य जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बना ली है। 11 जून 2007 को जन्मे नवीन वर्तमान में स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं और लेखन के प्रति निरंतर समर्पित हैं। उनके पिता दुर्गा लाल लववंशी और माता मंजू बाई के मार्गदर्शन ने उनके साहि…
लखनऊ / बाबू शोभनाथ मेमोरियल ट्रस्ट लखनऊ इकाई की ऑनलाइन काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। बाबू शोभनाथ मेमोरियल ट्रस्ट की संस्थापिका सत्यभामा ने पधारे सभी साहित्यकारों का स्वागत करते हुए मंच गठित किया गया। काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार राम बहाल ने की। विशिष्ट अतिथि अयोध्या प्रसाद द्विवेदी एवं प्रिया अभिषेक रही।कार्य क्रम का आरंभ सुनील कुमार खुराना द्वारा प्रस्तुत वाणी वंदना से हुआ। कुशल संचालन मधुलिका स्वरूप ने किया। काव्य गोष्ठी में रामबहाल सिंह वाराणसी,डॉ खुशबू शांतिलेख लखनऊ, मधुलिका स्वरूप,सत्यभामा, सुनील कुमार खुराना नकुड,डॉ गुर्जर …
मालवी भाषा में लेखन के लिए बदनावर विकास खंड से नवाचारी शिक्षक गोपाल कौशल को किया सम्मानित मध्यप्रदेश का पहला नवाचार नागदा (धार) कलेक्टर प्रियंक मिश्र की प्रेरणा तथा डाइट प्राचार्य मनोज कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत संचालित मिशन अंकुर के तहत कक्षा 1 एवं 2 की हिंदी भाषा सामग्री का स्थानीय लोकभाषाओं—मालवी, निमाड़ी और भीली में अनुवाद जिले के शिक्षकों द्वारा किया गया। इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल का विमोचन डाइट धार में आयोजित कार्यक्रम में किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक चौधरी, डाइट प्राचार्य म…
जयपुर मूल की वरिष्ठ कवयित्री सुखमिला अग्रवाल ‘भूमिजा’ को साहित्य और मानवता हित में उत्कृष्ट योगदान के लिए ग्लोबल इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (यूएसए) द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई। जयपुर, 6 अप्रैल। जयपुर की वरिष्ठ कवयित्री सुखमिला अग्रवाल ‘भूमिजा’ को उनके साहित्यिक योगदान एवं समाजसेवी कार्यों के लिए ग्लोबल इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (यूएसए) द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया। यह सम्मान गुजरात के वलसाड़ स्थित हार्टफुलनेस मेडिटेशन एवं योगा सेंटर में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया। इस अवसर पर हार्टफुलनेस सेंटर के निदेश…
डॉ. भीमराव अंबेडकर की 136वीं जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को नागौर के रोहिणी स्थित बाबा साहब स्मारक में आयोजित समारोह में दिल्ली की लेखिका, कवयित्री व गायिका सोनिया सरीन ‘साहिबा’ को हिंदी साहित्य में योगदान हेतु सम्मानित किया जाएगा। सोनिया सरीन ‘साहिबा’ नागौर/दिल्ली। डॉ. भीमराव अंबेडकर की 136वीं जयंती के उपलक्ष्य में 14 अप्रैल को बाबा साहब स्मारक, रोहिणी (नागौर) में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन अखिल भारतीय कबीर मठ सद्गुरु कबीर आश्रम सेवा संस्थान, बड़ी खाटू तथा डॉ. अंबेडकर प्रतिमा अनावरण सेवा समिति, रोहिणी के संयुक्त तत्वावधान म…
लखनऊ के आचार्य पिंगल सभागार में 05 अप्रैल 2026 को शिवभार गुर्जर लखनवी साहित्यिक संस्था द्वारा आयोजित मासिक कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में देशभर से आए साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया। इस अवसर पर विभिन्न साहित्यकारों को सम्मानित भी किया गया। लखनऊ, 05 अप्रैल 2026 । आचार्य पिंगल सभागार, प्रभात नगर तेलीबाग में शिवभार गुर्जर लखनवी साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में एक भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. एल.पी. गुर्जर ‘लखनवी’ द्वारा अतिथियों के स्वागत एवं अभिनंदन के साथ ह…
आज का समय परिवर्तन का समय है। भाषा, साहित्य और अभिव्यक्ति के रूप लगातार बदल रहे हैं। ऐसे दौर में “हिंदीज़ा” एक नए साहित्यिक दृष्टिकोण के रूप में उभर सकता है—जहाँ पारंपरिक हिंदी की गहराई और आधुनिकता की सहजता का सुंदर संगम दिखाई देता है। हिंदीज़ा क्या है? “ हिंदीज़ा ” को हम केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक विचारधारा मान सकते हैं। यह हिंदी की जड़ों से जुड़ी हुई, लेकिन नई पीढ़ी की भाषा शैली को अपनाने वाली अभिव्यक्ति है। इसमें हिंदी की शुद्धता के साथ-साथ उर्दू की नज़ाकत, अंग्रेज़ी के प्रयोग की सहजता और बोलचाल की जीवंतता समाहित होती है। हिंदीज़ा की विशेषताएँ…
इंदौर/ इंदौर साहित्य की ऐतिहासिक नगरी इंदौर में 'वीणा की वाणी' शीर्षक के अंतर्गत देश की प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं पर केंद्रित दो दिवसीय गहन विमर्श का आयोजन मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित हुआ। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम ने साहित्य, पत्रकारिता और आधुनिक तकनीक के अंतर्संबंधों पर नई दृष्टि साझा की। 'वीणा की वाणी' विषय पर दो दिवसीय पत्र-पत्रिकाओं का विमर्श कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन सरस्वती वंदना के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में…
इंदौर / समकालीन समय में जब सूचना, संचार और विचारों का प्रवाह अभूतपूर्व गति से हो रहा है, तब संपादकीय कर्म की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण, जटिल और जिम्मेदार बन गई है। साहित्यिक पत्र-पत्रिकाएँ केवल रचनाओं के प्रकाशन का माध्यम नहीं रहीं, बल्कि वे समाज की बौद्धिक चेतना, वैचारिक दिशा और सांस्कृतिक संवाद की आधारशिला के रूप में कार्य कर रही हैं। ऐसे में यह स्वाभाविक है कि संपादकों के सामने अनेक नई चुनौतियाँ उपस्थित हों—चाहे वे सामग्री की गुणवत्ता से जुड़ी हों, तकनीकी बदलावों से, आर्थिक संसाधनों की कमी से, या बदलती पाठकीय रुचियों से। इन चुनौति…
इंदौर। 'वीणा की वाणी’ शीर्षक से आयोजित दो दिवसीय (30 व 31 मार्च)साहित्यिक सम्मेलन में देशभर की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं पर व्यापक और गंभीर विमर्श हुआ। मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य, पत्रकारिता और तकनीक के बदलते संबंधों पर गहन चर्चा की गई। 'वीणा की वाणी' विषय पर दो दिवसीय पत्र-पत्रिकाओं का विमर्श उद्घाटन सत्र में निदेशक डॉ. विकास दवे ने कहा कि साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिस्पर्धा की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार के रूप में जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने समरसता और सहयोग की भावना पर बल देते हुए…
मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के साहित्य अकादमी की ऐतिहासिक पहल की समीक्षा - रूचि बाजपेयी शर्मा 'वीणा की वाणी' विषय पर दो दिवसीय पत्र-पत्रिकाओं का विमर्श इंदौर/ इंदौर जो सदैव से साहित्यिक चेतना का जीवंत केंद्र रहा है, वहाँ ‘वीणा की वाणी’ शीर्षक अंतर्गत देशभर से आए साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं के संपादकों का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन एक सार्थक विमर्श का साक्षी बना। मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी एवं संस्कृति परिषद द्वारा देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित इस आयोजन ने साहित्य, पत्रकारिता और तकनीक के त्रिकोणीय संबंधों पर एक गंभीर और…
मध्य प्रदेश / मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी द्वारा आगामी 30 और 31 मार्च को इंदौर में आयोजित किया जा रहा दो दिवसीय ‘साहित्यिक पत्रिका समागम’ देशभर की साहित्यिक पत्रकारिता से जुड़े संपादकों, लेखकों, शोधार्थियों और प्रकाशन विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाने वाला महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। हिंदी सहित भारतीय भाषाओं की साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं के समक्ष बदलते समय में उत्पन्न हो रही चुनौतियों, उनके स्वरूप, सामग्री और भविष्य की दिशा पर गंभीर विमर्श के उद्देश्य से आयोजित यह समागम साहित्यिक जगत में विशेष उत्सुकता का केंद्र बना हुआ है। अकादमी के अनुसार,…
साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश के तत्वावधान में 30 और 31 मार्च को देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं के संपादकों का दो दिवसीय राष्ट्रीय विमर्श आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से कई संपादक भाग लेंगे। आज के समय में साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं और ई-पत्रिकाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस विमर्श का आयोजन किया जा रहा है, जहां संपादक आपस में चर्चा करेंगे और अपने अनुभव साझा करेंगे। राजस्थान से दैनिक निर्माण के संपादक जसराज बिश्नोई भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। उनके साथ देश के अन्…
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