लखनऊ के आचार्य पिंगल सभागार में 05 अप्रैल 2026 को शिवभार गुर्जर लखनवी साहित्यिक संस्था द्वारा आयोजित मासिक कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में देशभर से आए साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया। इस अवसर पर विभिन्न साहित्यकारों को सम्मानित भी किया गया। लखनऊ, 05 अप्रैल 2026 । आचार्य पिंगल सभागार, प्रभात नगर तेलीबाग में शिवभार गुर्जर लखनवी साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में एक भव्य कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. एल.पी. गुर्जर ‘लखनवी’ द्वारा अतिथियों के स्वागत एवं अभिनंदन के साथ ह…
आज का समय परिवर्तन का समय है। भाषा, साहित्य और अभिव्यक्ति के रूप लगातार बदल रहे हैं। ऐसे दौर में “हिंदीज़ा” एक नए साहित्यिक दृष्टिकोण के रूप में उभर सकता है—जहाँ पारंपरिक हिंदी की गहराई और आधुनिकता की सहजता का सुंदर संगम दिखाई देता है। हिंदीज़ा क्या है? “ हिंदीज़ा ” को हम केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक विचारधारा मान सकते हैं। यह हिंदी की जड़ों से जुड़ी हुई, लेकिन नई पीढ़ी की भाषा शैली को अपनाने वाली अभिव्यक्ति है। इसमें हिंदी की शुद्धता के साथ-साथ उर्दू की नज़ाकत, अंग्रेज़ी के प्रयोग की सहजता और बोलचाल की जीवंतता समाहित होती है। हिंदीज़ा की विशेषताएँ…
इंदौर/ इंदौर साहित्य की ऐतिहासिक नगरी इंदौर में 'वीणा की वाणी' शीर्षक के अंतर्गत देश की प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं पर केंद्रित दो दिवसीय गहन विमर्श का आयोजन मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित हुआ। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम ने साहित्य, पत्रकारिता और आधुनिक तकनीक के अंतर्संबंधों पर नई दृष्टि साझा की। 'वीणा की वाणी' विषय पर दो दिवसीय पत्र-पत्रिकाओं का विमर्श कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन सरस्वती वंदना के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र में…
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