काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार राम बहाल ने की। विशिष्ट अतिथि अयोध्या प्रसाद द्विवेदी एवं प्रिया अभिषेक रही।कार्य क्रम का आरंभ सुनील कुमार खुराना द्वारा प्रस्तुत वाणी वंदना से हुआ। कुशल संचालन मधुलिका स्वरूप ने किया।
काव्य गोष्ठी में रामबहाल सिंह वाराणसी,डॉ खुशबू शांतिलेख लखनऊ, मधुलिका स्वरूप,सत्यभामा, सुनील कुमार खुराना नकुड,डॉ गुर्जर लखनवी, इलियास हसन प्रतापगढ़ी, रामराज भारती लखनऊ ,अयोध्या प्रसाद द्विवेदी मुंबई, अलका आर्या केशरी, नय्यर बिसवानी ,प्रिया अभिषेक मोनिका वर्मा जुगनू लखनऊ आदि ने अपने गीत गजल छंद एवं मुक्तकों से सबको भाव विभोर कर दिया।
डॉ.खुशबू गौतम शांतिलेख ने महिला ससक्तीकरण पर जो देते हुए महिला उत्थान की बात कही। राम राज भारती ने तिरंगे के सम्मान में मुक्तक पढ़े। राम बहाल सिंह ने साहित्य के बढ़ते व्यवसायीकरण पर चित्त व्यक्त करते हुए अपनी रचना पढ़कर वाहवाही लूटी।
अंत में संयोजिका डॉ.खुशबू गौतम ने सभी साहित्यकारों कवियों एवं श्रोताओं को धन्यवाद देते हुए अगले आयोजन तक कार्यक्रम को स्थगित कर दिया।
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