इंदौर। 'वीणा की वाणी’ शीर्षक से आयोजित दो दिवसीय (30 व 31 मार्च)साहित्यिक सम्मेलन में देशभर की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं पर व्यापक और गंभीर विमर्श हुआ। मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य, पत्रकारिता और तकनीक के बदलते संबंधों पर गहन चर्चा की गई। 'वीणा की वाणी' विषय पर दो दिवसीय पत्र-पत्रिकाओं का विमर्श उद्घाटन सत्र में निदेशक डॉ. विकास दवे ने कहा कि साहित्यिक पत्रिकाओं को प्रतिस्पर्धा की दौड़ से बाहर निकालकर एक परिवार के रूप में जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने समरसता और सहयोग की भावना पर बल देते हुए…
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